MP RTE फीस घोटाला: रिकॉर्ड खुदबुर्द कर रहे हैं DPC, नोटशीट मंत्री के पास

0
43

भोपाल। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी के PRIVET SCHOOLS को किया गया मनमाना FEES PAYMENT मामला अब सुर्ख हो गया है। राज्य शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक (DPC) समर सिंह राठौर इस मामले में पूरी तरह से फंस चुके हैं। दस्तावेज उनके खिलाफ गवाही दे रहे हैं। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने मंत्री विजय शाह के पास नोटशीट भेज दी है। अब बॉल शिक्षामंत्री विजय शाह के पाले में है। देखते हैं शिक्षामंत्री समर सिंह को सस्पेंड करके मामले की जांच करवाते हैं या नहीं। दूसरी तरफ पता चला है कि मंगलवार को डीपीसी समर सिंह राठौर फाइलों के साथ छेड़छाड़ करते रहे। आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों को फीस के भुगतान मामले में बड़ी गड़बड़ी होना सामने आया है। मामले में डीपीसी कार्यालय से राजधानी के प्राइवेट स्कूलों को आरटीई की 19.5 करोड़ रुपए फीस का भुगतान किया गया। इसमें बिना प्राचार्यों की सत्यापन के स्कूलों को फीस का भुगतान कर दिया। कुछ प्राचार्यों के सत्यापन के बाद भी स्कूलों को फीस का ज्यादा भुगतान किया गया।

यह है मामला 
भोपाल जिले में मान्यता प्राप्त 1209 प्राइवेट स्कूल है। इनमें से 164 सीबीएसई स्कूल ऐसे हैं, जिन्हे प्रति छात्र 4209 रुपए भुगतान किया गया जबकि इन स्कूलों में सामान्य छात्रों की फीस इससे आधी के बराबर है। 594 ऐसे स्कूल है, जिनकी वास्तविक वार्षिक फीस 1500 से 2000 तक है। इन स्कूलों को 6 हजार रुपए प्रति छात्र की दर से भुगतान किया गया। सारा खेल टेंडर की तरह चला। स्कूलों ने मनमानी रकम क्लैम की, फिर डीपीसी ने मोलभाव किया और पेमेंट कर दिया। कागज में दिखाया गया कि डीपीसी ने सरकार के पैसे बचा लिए जबकि भुगतान की गई रकम, वास्तविक फीस से बहुत ज्यादा थी।
रिकाॅर्ड को दुरुस्त करने में लगे डीपीसी 
डीपीसी कार्यालय में मंगलवार को गहमागहमी का माहौल रहा। डीपीसी व उनके साथ एक एपीसी फर्जी फीस के भुगतान के मामले में रिकाॅर्ड को दुरुस्त करने में लगे रहे। यह भी सामने आया कि शासन की त्वरित जांच नहीं करवाने से कई साक्ष्यों को डीपीसी द्वारा नष्ट भी किया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here