देश में पहली बार कैथोलिक नन को मिला शहीद का दर्जा

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भोपाल। दुनिया में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था वेटिकन ने पहली बार मध्यप्रदेश की एक कैथोलिक नन रानी मारिया को शहीद का दर्जा देने का निर्णय किया है। देश में अपनी तरह का यह पहला मामला है, 22 साल पहले देवास जिले में उदयनगर के पास रानी मारिया की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी।

यह कैथोलिक नन उस वक्त ग्रामीणों को सूदखोरों के चंगुल और शोषण से बचाने की मुहिम चला रही थी। यह समाजसेवा ही उसकी मौत का कारण बनी। वेटिकन के प्रमुख पोप फ्रांसिस के प्रतिनिधि मध्यप्रदेश आकर चार नवंबर को इंदौर में यह दर्जा देंगे।

कैथोलिक नन रानी मारिया को यह उपाधि देने का निर्णय वेटिकन में चली 14 साल की लंबी प्रक्रिया के बाद किया गया। इस उपाधि के बाद ही संत की उपाधि मिलती है जो मदर टेरेसा को दी गई थी। इस उपाधि की मान्यता विश्व के सभी चर्च में समान रूप से रहती है। यह दर्जा (ब्लेस्ड) घोषित होने के बाद पूरी दुनिया में रानी मारिया को मानवता एवं विचार के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद के रूप में पहचाना जाएगा। ईसाई सम्प्रदाय में इसे मप्र के लिए बड़ा गौरव माना जा रहा है।

सरेआम हुई थी हत्या

रानी मारिया 25 फरवरी 1995 को देवास जिले के उदयनगर से जब बस में बैठकर अपने घर केरल जा रही थीं, तभी उन्हें एक सुपारी किलर समुंदर सिंह ने नाचनपुर हिल्स में बस से उतारकर यात्रियों के सामने ही चाकुओं से गोद दिया था। 41 वर्षीय रानी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। रानी मारिया देवास जिले के उस गांव में ग्रामीणों के बीच काफी लोकप्रिय थीं, जिससे इलाके के सूदखोर जमींदार उससे खफा थे।

हत्यारे को कर दिया माफ

सरेआम हुई हत्या के बाद आरोपी समुंदर सिंह गिरफ्तार हो गया। कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई। घटना के 7 साल बाद 2002 में मामले में उस वक्त यू टर्न आया जब रानी मारिया की छोटी बहन कैथोलिक नन सेलमी पॉल एवं उसके माता-पिता ने हत्यारे को माफ कर दिया। सेलमी पॉल ने जेल में जाकर हत्यारे समुंदर को राखी बांधी। साथ ही कोर्ट में उसकी सजा माफ करने की अपील भी की। समुंदर सिंह को 11 साल 6 महीने के बाद जेल से रिहाई भी मिल गई। दिलचस्प यह भी है कि रानी मारिया का हत्यारा समुंदर भी अब दिवंगत रानी मारिया की राह पर चल पड़ा है।

दुनिया में अनूठी मिसाल

मेरी बहन रानी मारिया गरीबों की सेवा में हमेशा तत्पर रहती थीं। इसके लिए उसने अपनी कुर्बानी भी दे दी, पूरी दुनिया में इसे एक मिसाल के तौर पर याद किया जाएगा। भारत और मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है।

– सिस्टर सेल्मी पॉल कैथोलिक नन

मप्र के लिए महत्वपूर्ण दिन

सिस्टर रानी मारिया दूसरों के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर करुणा की प्रतीक बन गईं। वेटिकन से पोप फ्रांसिस के प्रतिनिधि चार नवंबर को इंदौर आकर एक समारोह में शहीद की उपाधि देंगे। मप्र के लिए यह महत्वपूर्ण दिन रहेगा और देश का पहला मामला।

-फादर मारिया स्टीफन, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल धर्मप्रांत

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