अगस्त-सितंबर में 100 फीसदी बारिश का अनुमान

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नई दिल्ली। चालू मानसून सीजन के पहले हिस्से में देश में बारिश 3 फीसदी कम हुई है। लेकिन मौसम विभाग ने मंगलवार को भरोसा जताया कि निराश न हों, मानसून के दूसरे हिस्से में भरपूर बारिश होगी। 1 जून से 7 अगस्त तक देश के बड़े हिस्से में बारिश की भारी कमी से सूखे के हालात नजर आ रहे हैं। जनता व व्यापार-उद्योग जगत के होश उड़े हुए हैं।

अगस्त-सितंबर मानसून के दो माह बाकी हैं। विभाग का दावा है कि इस दौरान “सामान्य” यानी दीर्घावधि औसत की 100 फीसदी बारिश होगी। इसमें 8 फीसदी कम या ज्यादा की संभावना रहती है। 94 से 104 फीसदी तो सामान्यविभाग का कहना है कि यदि दीर्घावधि औसत (एलपीए) की 94 से 104 फीसदी तक बारिश हो तो वह सामान्य मानी जाती है। जबकि अगस्त में एलपीए की 99 फीसदी वर्षा होने की संभावना है।

वर्षाकाल से पूर्व में जारी अनुमान में भी मौसम विभाग ने इस बार सामान्य मानसून का पूर्वानुमान जारी किया था। कुछ राज्यों में सूखा, कुछ में बाढ़ मानसून के पहले हिस्से में कम बारिश होने से दक्षिणी प्रायद्वीप के राज्यों-केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र, पुड्डूचेरी के अलावा मप्र-छग, ओडिशा के कुछ हिस्सों में सूखे के हालात पैदा हो रहे हैं।

वहीं गुजरात, राजस्थान, उत्तर-पूर्व के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं। जून में कहा था 98 फीसदी होगीभारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने जून में कहा था कि प्रशांत महासागर में पानी के तापमान से जुड़ा “अल निनो” प्रभाव कमजोर होने से देश में इस साल एलपीए की 98 फीसदी बारिश होगी। हिंद महासागर के तापमान से जुड़ी रिपोर्ट भी कह रही है कि अगले दो माह में “अच्छी बारिश” होगी।

27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कहां-कितनी बारिश हुई

क्षेत्र वास्तविक बारिश (मिमी) सामान्य बारिश (मिमी) कम/ज्यादा

देश 48.3 66.2 -27 प्रतिशत

उत्तरी-पश्चिमी भारत 54.0 54.6 -1 प्रतिशत

मध्य भारत 50.1 76.9 -35 प्रतिशत

दक्षिण प्रायद्वीप 27.8 47.6 – 42 प्रतिशत

पूर्व व उत्तरपूर्व भारत 58.9 88.5 -33 प्रतिशत

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